घर पर छोटे बच्चे को कैसे पढ़ाएं?HealthPlanet

Posted on Wed 8th Mar 2023 : 11:28

ये हैं छोटे बच्चों को पढ़ाने का तरीका :-

1. बच्चों को दोस्त बनाएं
बच्चों के साथ सबसे बड़ी समस्या यह होता है की वह अपने माता-पिता या घर के बड़े लोगों से डरते हैं, ऐसे में उनके साथ एक दोस्त के जैसा व्यवहार करें। उनके हर सवालों को एक मित्र की भांती ही पुछा करें।

2. बच्चों को पढ़ाई में मदद करें
रोज बच्चों के होम वर्क बनाने में मदद करें और उनसे पूछे की उनकी कोई ऐसा विषय है जिनमें उन्हें समझ में ना आता हो वह समझाएं। जिससे उनके पास ज्यादा सवालों को लेकर तनाव उत्त्पन्न ना हो।

3. पढ़ाई की महत्व को बताएं
बच्चों को यह समझाएं की पढ़ना उनके लिए बहुत ही जरूरी हैं। और बच्चों के पढ़ने के फायदे का बारे में समझाएं। बच्चों को कहानी या कोई ऐसा कुछ सुनाएं जिनसे की उन्हें पढ़ाई की और उनका रुझान बढ़ें।

4. बच्चों को टास्क दें
बच्चों को कोई छोटी- छोटी टास्क दें और उसे पूरा करने को कहें, और पूरी होने के बाद उन्हें शाबासी जरूर दें। और साथ ही उनके हल करने में अपना मार्गदर्शन जरूर दें। जब भी बच्चों को पढ़ाएं तो उन्हें घर के लिए या फ्री समय के लिए कुछ न कुछ टास्क जरूर दें जैसे की याद करना या गणित के सवालों को हल करना आदि। नही तो बच्चे आपके अनुपस्थिति में खुद से पढ़ने वाले नही है।

5. किताबों से कराएँ दोस्ती
सबसे पहले उन्हें किताबें पढ़ना सिखाएं ताकि वह खुद से भी कुछ पढ़ सकें। और उनके सब्जेक्ट से अलग किताबें भी पढ़ने को दे ज्यादा बच्चे रंगीन और चित्रों से भरी हुई किताबों को पसंद करते हैं तो उन्हें उसी प्रकार के किताबें लाकर दें।

6. बच्चे को लिखना सिखाएं
बच्चों को पढ़ाते वाक्य यह ध्यान रखें की उन्हें लिखने को ज्यादा कहें अगर आपके बच्चे को अभी ठीक से लिखना नहीं आता तो उन्हें लिखने को सिखाएं नहीं तो उन्हें पेन्सिल से ड्राइंग बनाने को दें।

7. पढ़ाई का दबाव न बनाएं
अपने बच्चों को कभी भी पढ़ाई का दबाव न बनाए और उनके ही मन मुताबिक पढ़ने को कहें, और पढ़ने के लिए जबरदस्ती ना करें, जब भी बच्चों के साथ बैठे उनसे प्यार से प्रश्न पूछें, और उनके जबाव की जबरदस्ती ना करें।

8. बच्चे की पढ़ने की तरीके को समझे
बच्चे की पढ़ने की तरीके को समझे और उन्हें वैसा ही करने दे क्योंकि सभी लोगों की पढ़ने और लिखने का तरीका अलग अलग हो सकता है।

9. बच्चों का पढ़ने का समय बनाएं
बच्चे की इतना समझ नहीं होते हैं की वे खुद से ही पढ़ने के लिए बैठ सकें वो भी एक समय पर उनका जब मन होगा पढ़ेंगे जब मन नहीं करेगा पढ़ने से दिल चुरायेंगे, तो ऐसे में आप खुद ही उनके पढ़ने के लिए समय तय करें और उस वक्त का पालन कराएँ।

10. छोटी-छोटी चीजों से करें शुरु
बच्चे को पढ़ाते वक्त ये ध्यान रखें की उन्हें हल्की व आसान चीजें सिखाएं, और वक्त के साथ इसमें बदलाव करते रहें।

11. अनुशासन का रखें ख्याल
बच्चों को पढ़ाते वक्त सिर्फ किताब ही नहीं बल्कि नैतिक आदतों पर भी ध्यान दे और ये सब के साथ ही उन्हें सदा अनुशासित रहना भी सिखाएं।

12. बच्चे की गलतियाँ सुधारे
स्कूल से आने के बाद उनके साथ बैठें और उनके स्कूल की गतिविधियों के बारे में जानने की प्रयास करें।
समय-समय पर उनके होम-वर्क की कॉपी को देखा करें और उनमें होने वाली गलतियों में सुधर कराएँ।

13. सफलता और विफलता में अंतर को बताएँ
अपने बच्चों को सफलता के राज बताएं और साथ ही यह भी समझाएं की विफलता से नहीं दरें बल्कि विफलता से सिखने को कहें। इस स्थिति में बच्चों को हताश ना होने अलावा उनका हौसला कायम रखने के लिए बोल सकतें हैं।

14. बच्चे को डांटने से बचे
पढ़ाते वक्त बच्चों को डांटे नहीं बल्कि उनके गलतियों को नोट करें और पुनः समझाने के बाद फिर से प्रश्नों को हल करने को दें।

15. नए-नए बाते बताएं
अपने बच्चों को नए-नए चीजों के बारे में बताएं जो की बिना वजह के भी हो सकता है। और उनके पसंद की चीजों को जानने की कोशिश करें और उसी से जुडी हुई बातें को बताएं। और उसके बारें में प्रश्नों को जानने की प्रयास करें।

16. बच्चों को उत्साहित करें
उनसे कोई कविता या कहानी कहने को कहें अगर ऐसा न करते हों तो उन्हें ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। और अपने बच्चों को आपस में कविता या कहानियां सुनने और सुनाने को कहें। इस तरह मनोरंजन के साथ-साथ पढ़ाई भी हो जायेगा।

17. बच्चों के पसंद के विषय पूछें
सभी बच्चे की पसंद एक जैसा तो हो नहीं सकता है ऐसे में उनसे ही पूछे की उनका मन कौन सा विषय में ज्यादा लगता है, और उनकी पसंद के अनुसार विषयों में आप भी रुची लें और उन्हें ये बताएं की इस विषय में किस तरह के चींजे होते हैं और क्या पढ़ना है।

18. मार्क्स का दबाव ना बनाएं
ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों को यह सोचकर पढ़ाते हैं ताकि उनकी नम्बर ज्यादा आये लेकिन ये बहुत बड़ा गलत आदत है इसीलिए बच्चों पर अभी मार्क्स का दबाव ना बनायें।

19. बच्चों के मनोरंजन का रखें ख्याल
पढ़ाई के साथ उनके मनोरंजन का भी ख्याल रखें छुट्टियों वाले दिनों में अपने आस-पास घुमाने ले जा सकते हैं। और साथ ही ऐसे जगह जाए जहाँ इतिहास जुड़ी हो और उसके बारे में चर्चा करें। इससे बच्चे प्रायोगिक तरीके से किसी भी चीज को सीख पायेंगे और लम्बे समय तक भुलाएँगे नही।

20. खेलने से न रोकें
छोटे बच्चों को कभी खेलने से नहीं रोकें बल्कि उन्हें समय के अनुसार खेलने भी दें और अपने आस परोस के बच्चों के साथ मिलने दे ऐसा करने से बच्चा दुनिया के बारे में भी सिख पाएंगे। ऐसे भी बच्चे अभी नहीं तो कब खेलेंगे। इसिलिए बच्चों को खेलने से ना रोकें।

21. बच्चों को समय का महत्व बतायें
छोटे बच्चों को पढ़ाई के दौरान समय का भी महत्व को बताएं जिससे बच्चें समय पर अपना पढ़ाई कर सके। मैं तो कहता हूँ की पढ़ाई में सबसे ज्यादा योगदान समय की ही होती है।

22. किताब पढ़ना सिखाएं
जब बात बच्चों की पढ़ाने की हो तो उन्हे किताबें पढ़ना जरूरी सिखाएं। ज्यादातर मामलों में यह देखा जाता है की बच्चे को किताबें पढ़ना नही आता है और वे क्लास में भी बढ़ोतरी करते रहते हैं।

23. महत्वपूर्ण बिन्दुओं को बतायें
जैसा की आप जानतें हैं की बच्चों को एक हद तक ही कुछ सिखाया जा सकता है इसिलिए छोटे बच्चों को उनके लिए उपयोगी और महत्वपूर्ण टॉपिक को बताएं।

24. टेस्ट जरूर लें
अगर बच्चों को सही मायने में पढ़ाना का मतलब जानना हो तो यह बात अच्छी से समझ लें, जब भी आप बच्चों को पढ़ा रहे हो तो बीच बीच में उनका टेस्ट लेते रहें ताकि आपको यह पता चल पाए की आपके द्वारा पढ़ाई गई चींजे उन्हे समझ में आ रही है।

25. बच्चों को नैतिकता सिखाए
बच्चों को पढ़ाई के साथ नैतिक ज्ञान भी देते रहें यह एक पढ़ने वाले बच्चों के लिए बहुत ही आवश्यक होती है।

26. बच्चे को रोज याद करने के लिए देते रहें
जब भी बच्चे को पढ़ा रहे हो तो उन्हें कुछ न कुछ याद करने के लिए जरूर कहें जैसे की कुछ gk, मीनिंग, कविताएं ये सब, जिससे बच्चे की ज्ञान में बढ़ोतरी होगी।

27. English जरूर सिखाएं
वैसे तो बच्चे के लिए पढ़ाई की शुरूआत ही अंग्रेजी से ही की जाती है फिर भी उन्हें abcd के साथ अंग्रेजी में आवश्यक टॉपिक सिखाते रहें।

28. इतिहास की जानकारी दें
ऐसा नहीं है की बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान ही देना उचित होगा आप चाहे तो उन्हें और भी कई तरह के ज्ञान दें सकते हैं। इसी में से एक है इतिहास की जानकारी दें उसे रोचक बनाने के लिए कई महापुरषों की कहानी या जीवनी सुनाएं।

29. पढ़ाई में मदद करें
जैसा कि आप जानते हैं की बच्चे को सहारे की जरूरत होती है। तो आप सोच सकते हैं की उन्हें पढ़ाई में भी आपकी मदद की जरूरत हो सकती है। इसीलिए बच्चों को पढ़ने में आप अपनी योगदान जरूर देते रहें।

30. बच्चों को गणित सिखाएं
अगर आप बच्चे को पढ़ाते हैं तो उन्हें गणित जरूर सिखाएं शुरुआत में उन्हें संख्याओं की पहचान और संख्या या वस्तु को जोड़ना घटाना इत्यादि सीखा सकते हैं।

31. बच्चे को प्रतियोगिता में भाग लेने दें
पढ़ाई के दौरान एक विद्यार्थी को कई तरह से ज्ञान को अर्जित करना पड़ता है। ठीक वैसे ही उन्हें मानसिक विकास के लिए उन्हें प्रतियोगिता भी करना आवश्यक होता है।

32. बच्चे को लाभ –हानि बताएं
बच्चे को शुरुआती दिनों में ही लाभ–हानी की सवालों को जरूर हल करना सिखाएं क्योंकि बच्चे भी इस तरह के सवालों को हल करने में काफी उत्साहित होते हैं।

33. स्कूल से प्रतिक्रिया लेते रहें
अगर आप घर पर बच्चों को पढ़ाते हैं तो उनके स्कूल से बच्चे के बारे में प्रतिक्रिया लेते रहें। स्कूल के शिक्षक से जरूर बात करें और बच्चे के बारे में प्रतिक्रिया लें की उसका विकास कैसा हो रहा है।

34. बच्चे की घर वालों से प्रतिक्रिया लें
स्कूल में बच्चों को अच्छे से पढ़ाने के लिए उनके घर वालों से प्रतिक्रिया लेनी आवश्यक है, क्योंकि बच्चे को घर पर भी पढ़ाई का माहौल मिलना आवश्यक होता है।

35. बच्चे से बात करें
अगर आप एक शिक्षक या बच्चे की अभिभावक हैं तो बच्चे से उनके पढ़ाई के बारे में बाते जरूर करें इस दौरान उनके परेशानी के साथ उन्हें क्या जरूरत है इसकी चर्चा जरूर करें।

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